राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। अगर आपने अभी तक अपने राशन कार्ड से जुड़े सदस्यों की आधार सीडिंग नहीं करवाई है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें। 1 जनवरी 2025 से जिन राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उनके राशन कार्ड से सदस्यों के नाम हटा दिए जाएंगे, और उन्हें खाद्यान्न वितरण का लाभ नहीं मिलेगा।
ई-केवाईसी क्यों है जरूरी?
ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों की जानकारी को आधार डेटा से लिंक करना है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि राशन कार्ड सही व्यक्ति के पास है और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की संभावना को समाप्त किया जा सके।
इसके अलावा, ई-केवाईसी के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण सही और पारदर्शी तरीके से हो रहा है।
ई-केवाईसी की अंतिम तिथि और राज्यवार निर्देश
हिमाचल प्रदेश
- अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2024
- राशन कार्ड धारक PDS HP ऐप के माध्यम से घर बैठे ई-केवाईसी कर सकते हैं।
- Google Play Store से ऐप डाउनलोड कर अपनी जानकारी अपडेट की जा सकती है।
- लोकमित्र केंद्र या उचित मूल्य की दुकान पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश
- अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2024
- ई-केवाईसी न होने पर धारकों को फर्जी यूनिट मानते हुए उनके नाम राशन कार्ड से हटा दिए जाएंगे।
- ऐसे लाभार्थी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
झारखंड
- अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2024
- ई-केवाईसी प्रक्रिया नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान पर ई-पॉश मशीन के माध्यम से निःशुल्क की जा सकती है।
- अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य राज्य में रह रहा है, तो वह वहीं पर नजदीकी पीडीएस दुकान पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
पुराने राशन कार्ड का क्या होगा?
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी आपका पुराना राशन कार्ड वैध रहेगा। हालांकि, अगर आपने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आपका राशन कार्ड अस्थायी रूप से ब्लॉक हो जाएगा, और खाद्यान्न का वितरण बंद हो सकता है।
ई-केवाईसी प्रक्रिया कैसे करें?
ऑनलाइन प्रक्रिया
- PDS HP ऐप का इस्तेमाल करें:
- Google Play Store से ऐप डाउनलोड करें।
- अपनी आधार संख्या, जन्मतिथि और अन्य जानकारी दर्ज करें।
- ओटीपी सत्यापन के बाद प्रक्रिया पूरी करें।
- वेबसाइट के माध्यम से:
- हिमाचल प्रदेश के उपभोक्ता epds.hp.gov.in पर जाकर अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर अपडेट कर सकते हैं।
ऑफ़लाइन प्रक्रिया
- नजदीकी लोकमित्र केंद्र या उचित मूल्य की दुकान पर जाएं।
- अपनी राशन कार्ड और आधार की जानकारी दें।
- ई-पॉश मशीन के माध्यम से बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कराएं।
ई-केवाईसी न करने पर परिणाम
अगर आप ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
- राशन कार्ड से सदस्यों के नाम हटा दिए जाएंगे।
- राशन वितरण का लाभ बंद हो जाएगा।
- राशन कार्ड अस्थायी रूप से ब्लॉक हो सकता है।
- फर्जी यूनिट मानकर राशन कार्ड को निरस्त भी किया जा सकता है।
ई-केवाईसी से लाभ
ई-केवाईसी प्रक्रिया राशन कार्ड धारकों और सरकार दोनों के लिए लाभदायक है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- फर्जी राशन कार्ड की पहचान: ई-केवाईसी से फर्जी राशन कार्ड को हटाने में मदद मिलती है।
- पारदर्शिता: राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ती है।
- लाभार्थियों को सही लाभ: राष्ट्रीय योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचता है।
- डेटा सुरक्षा: राशन कार्ड धारकों की जानकारी आधार डेटा के साथ सुरक्षित रहती है।
ई-केवाईसी के लिए शुल्क
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि, अगर आप फिजिकल कॉपी मंगवाना चाहते हैं, तो इसके लिए ₹50 का शुल्क देना होगा।
ई-केवाईसी राशन कार्ड धारकों के लिए एक आवश्यक प्रक्रिया है। इसे समय पर पूरा करना आपके और आपके परिवार के लिए बेहद जरूरी है ताकि आप खाद्यान्न वितरण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के ले सकें।
अगर आपने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो 31 दिसंबर 2024 से पहले इसे पूरा करें। समय पर ई-केवाईसी करके न केवल आप सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके परिवार को राशन वितरण में किसी प्रकार की समस्या न हो।