नए साल के पहले सप्ताह में भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेज़ी देखी गई है, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। 8 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने का मूल्य 77,410 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, चांदी का भाव 89,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा है। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और मांग-आपूर्ति के संतुलन के कारण हुआ है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार सोने की कीमतें
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 77,126 रुपये थी, जो बुधवार को बढ़कर 77,410 रुपये हो गई। यह वृद्धि निवेशकों के बीच सोने की बढ़ती मांग को दर्शाती है। इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई है, जिसका मुख्य कारण औद्योगिक मांग में कमी है।
विभिन्न शुद्धता के सोने के भाव
IBJA की वेबसाइट के अनुसार, अलग-अलग शुद्धता के सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
- 995 शुद्धता: 77,100 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 916 शुद्धता (22 कैरेट): 70,908 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 750 शुद्धता: 58,058 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 585 शुद्धता: 45,285 रुपये प्रति 10 ग्राम
इन आंकड़ों से पता चलता है कि शुद्धता के आधार पर सोने की कीमतें बदलती हैं।
रोजाना कीमत में बदलाव
999 शुद्धता वाले सोने की कीमत में मंगलवार की शाम से 284 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, चांदी की कीमत में मामूली 6 रुपये की गिरावट हुई है। इन दैनिक बदलावों से बाजार में सोने और चांदी की मांग और आपूर्ति का संकेत मिलता है।
मिस्ड कॉल के जरिए जानें सोने और चांदी का भाव
अब ग्राहक 8955664433 पर मिस्ड कॉल देकर रोजाना सोने और चांदी के दाम जान सकते हैं। यह सुविधा निवेशकों और ग्राहकों को आसानी से और तेज़ी से मूल्य की जानकारी प्रदान करती है।
मेकिंग चार्ज और जीएसटी का असर
सोने और चांदी की खरीदारी करते समय मेकिंग चार्ज और जीएसटी (माल और सेवा कर) की लागत भी जुड़ती है। यह अतिरिक्त शुल्क सोने और चांदी की कुल कीमत को प्रभावित करता है। इसलिए, ग्राहकों को खरीदारी करते समय इन खर्चों का ध्यान रखना चाहिए।
सोने और चांदी में निवेश के लिए उपयुक्त समय
बढ़ती कीमतों के साथ, सोने और चांदी में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, ग्राहकों को बाजार की परिस्थितियों और मूल्य परिवर्तन पर नजर रखनी चाहिए।
सोने और चांदी की कीमतों में यह बदलाव निवेशकों और ग्राहकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। जहां सोने की कीमतों में बढ़ोतरी ने इसे निवेश के लिए और आकर्षक बना दिया है, वहीं चांदी की कीमत में कमी औद्योगिक मांग में गिरावट का संकेत देती है। बाजार में स्थिरता और लाभ उठाने के लिए दैनिक भाव की जानकारी लेना और सही समय पर निवेश करना बेहद जरूरी है।